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एटीएम से रुपये निकालते समय हो जाए सावधान, यहां भी है कोरोना का खतरा

Tue, 17 Mar 2020 02:26 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।

सार

  • पता नहीं किस संक्रमित ने टच किया होगा स्क्रीन या बटन
  • प्लास्टिक पर 72 घंटे तो स्टील पर 48 घंटे तक जीवित रहता है कोरोना वायरस
  • बैंकों की ओर से नहीं की गई है एटीएम को सैनेटाइजर करने की कोई व्यवस्था
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एटीएम के अंदर नहीं है सैनेटाइजर की व्यवस्था। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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एटीएम से रकम निकालने जा रहे हैं तो कोरोना वायरस से बचने का खुद ही इंतजाम कर लीजिए, क्योंकि इन एटीएम को सैनेटाइजर करने का कोई इंतजाम नहीं है। कुछ राष्ट्रीयकृत बैकों के प्रबंधकों से इस बाबत बात हुई तो उन्होंने दो टूक कहा कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर एटीएम को लेकर कोई अलग से दिशा निर्देश नहीं है, लेकिन सभी बैंककर्मियों को सावधानी बरतने संबंधी गाइडलाइन जारी की गई है।

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लोगों को बैंक की शाखाओं में आने के अलावा एटीएम के इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि व्यक्ति ऐसे किसी व्यक्ति के संपर्क में न आए जो कोरोना वायरस से संक्रमित है। इतना ही नहीं कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति जिस भी चीज को हाथ से छूता है, उससे भी संक्रमण की आशंका शत प्रतिशत है।

एक रिपोर्ट के अनुसार प्लास्टिक पर कोरोना वायरस 72 घंटे और स्टील पर 48 घंटे जिंदा रहता है। विश्व के तीन प्रमुख संस्थानों प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी के शोधकर्ताओं ने विभिन्न प्रकार के शोध के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। इन निष्कर्षों के आधार पर संक्रमण रोकने के लिए पूरे देश में बायोमेट्रिक हाजिरी पर रोक लगा दी गई।

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खुद से करें बचाव

एटीएम से पैसे निकालने का प्रॉसेस कुछ बायोमेट्रिक जैसा ही है। ऐसे में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति अगर पैसे निकालने के लिए एटीएम का इस्तेमाल करता है तो इस पर 72 घंटे तक कोरोना वायरस के चिपके होने की आशंका हो सकती है।

बैंक प्रबंधन की ओर से इन्हें सैनेटाइज करने की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में एटीएम का इस्तेमाल करते वक्त कोरोना वायरस से बचने के लिए सभी जरूरी इंतजाम खुद जरूर करें। वहीं एटीएम में जिस ढंग से गंदगी रहती है, उससे भी बीमारियों के फैलने की आशंका ज्यादा होती है। इसको लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है। 
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