माफिया अजीत शाही पुलिस को चकमा देकर बृहस्पतिवार को कोर्ट में हाजिर हो गया। उस वक्त उसने वकील की पोशाक पहन रखी थी। पुलिस की पांच टीमों के बीच कोर्ट में माफिया कैसे पहुंचा, इसकी जांच का सच सामने आने के बाद पुलिस अफसर भी हैरान हो गए। जांच में सामने आया है कि जिस गैर जमानतीय वारंट (एनपीडब्लू) का भी पुलिस के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है, फिर यह सब कैसे हुआ, इसकी जांच अब पुलिस ने शुरू कर दी है। एसपी सिटी पूरे प्रकरण की जांच खुद कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, माफिया के शातिराना तरीके से पुलिस वाकिफ तो थी, लेकिन इस कदर वह कोर्ट में हाजिर होगा, यह नहीं सोची थी। माफिया ने वकील की तरह पोशाक पहना और उसे सीधे कोर्ट गेट में उतारा है। अंदर जाने के लिए उसने वकीलों के लिए तय प्रवेश द्वार का ही इस्तेमाल किया है। अब जिस तरह से माफिया वकील बनकर अंदर दाखिल हो गया, इससे कोर्ट की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगा है।
क्योंकि, गोरखपुर दीवानी कचहरी गेट के बाहर भी एक दुष्कर्म की गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके बाद वकीलों के प्रवेश द्वार को अलग कर दिया गया था। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि जांच में कई तथ्य सामने आए है। पुलिस एक एक बिंदु की जांच कर रही है। शरणदाता, मददगार सभी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। एनपीडब्लू का पता पुलिस को कैसे नहीं चला। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।