गोरखपुर। तकनीक सूचनाएं और ज्ञान उपलब्ध करा सकती है लेकिन संवेदना, संस्कार और जीवन-मूल्यों का निर्माण मशीनों से संभव नहीं है। इन्हें गुरु-शिष्य परंपरा और मानवीय संवाद से ही आत्मसात किया जा सकता है।
दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने मंगलवार को समाजशास्त्र विभाग की ओर से स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित अभिविन्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाजशास्त्र महज एक विषय नहीं बल्कि सामाजिक व्यवहार, संबंधों और बदलावों को समझने का वैज्ञानिक दृष्टिकोण है।
विभाग प्रभारी प्रो. अर्चना सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री लेने के बाद भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी परास्नातक के लिए इसी महाविद्यालय को प्राथमिकता दे रहे हैं। संचालन डॉ. सुनील कुमार सिंह ने किया। डॉ. शाश्वत चंदेल, डॉ. विवेकानंद शुक्ला, डॉ. सरिता सिंह, आशुतोष दुबे, अभय सिंह समेत नवागत विद्यार्थी मौजूद रहे।