हादसे में व्यापारी के बेटे की मौत.. साइड स्टोरी
- बीमारी और सड़क हादसों ने छीने यशवंत व शिवम, अब शुभम की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पिपरौली। एक बेटे की मौत का गम परिवार संभाल भी नहीं पाता कि दूसरा हादसा जख्म और गहरा कर देता। दिग्विजय कुमार गुप्ता के परिवार ने बीते चार वर्षों में अपने तीन बेटों को खो दिया। बीमारी से शुरू हुआ मौत का सिलसिला सड़क हादसों तक पहुंचा और शनिवार रात सबसे छोटे बेटे शुभम की मौत के साथ परिवार की खुशियां जैसे थम गईं।
करीब चार साल पहले दूसरे बेटे यशवंत की बीमारी से मौत हुई थी। परिवार अभी इस सदमे से उबरने की कोशिश कर ही रहा था कि करीब एक साल पहले संतकबीरनगर में हुए सड़क हादसे में तीसरे बेटे शिवम की भी जान चली गई। अब 19 वर्षीय शुभम की मौत ने परिवार को फिर तोड़ दिया।
चार भाइयों में अब केवल बड़ा बेटा अनुराग रह गया है। वही बुजुर्ग माता-पिता के साथ परिवार का सहारा है। शुभम की मौत की खबर के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। मां और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। डोमहर माफी में जिसने भी परिवार की लगातार तीन संतानों की मौत की कहानी सुनी, वह गमगीन हो गया।