इसी बीच कोतवाली के खूनीपुर के तारिक अतहर के पकड़े जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया। सभी से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस व खुफिया एजेंसी ने 77 लोग चिह्नित किए, जिनकी गतिविधि पर पुलिस व खुफिया एजेंसी की नजर है।
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अब पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नजर नेपाल सीमा से सटे उन दो गांवों पर टिक गई है, जहां से पूरे नेटवर्क को चलाए जाने की आशंका है। पुलिस दूसरे माध्यमों से इन गांवों में अपनी पैठ भी बना रही है, ताकि पूरी तरह से नेटवर्क पर खंगाल कर इससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई भी कर सके। उधर, आईजी कानून व्यवस्था डॉ. संजीव गुप्ता ने भी गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज व देवरिया पुलिस से भी कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।
गोरखपुर एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि पीएफआई से जुड़े लोगों की जांच व कार्रवाई के लिए जोन के सभी एसपी को पत्र भेजा जा चुका है। पुलिस और खुफिया एजेंसी इसे लेकर सतर्क है। जहां कहीं भी इस संबंध में जानकारी मिलती है, जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।