उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में करीब एक दशक से पुलिस कस्टडी से फरार पचास हजार के दो इनामी बदमाश पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। पुलिस को इनका लोकेशन नेपाल में मिला है। सीमा पार पुलिस की गाड़ी न जाने के कारण एसओजी के कदम ठिठक रहे हैं। बदमाशों के बारे में पुलिस को पता चला है कि जंगल में लकड़ी काटने का काम कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, कुशनीगर जनपद निवासी कैदी मकसूदन व रामाश्रय साहनी कुशीनगर में पेशी पर गए थे। वहां से लौटते समय देवरिया शहर में जाम के दौरान दिसंबर 2011 में फरार हो गए थे।
इस मामले में सात पुलिसकर्मी निलंबित हुए थे। कुशीनगर और देवरिया की पुलिस बदमाशों को पकड़ना तो दूर इनकी परछाई तक छू नहीं पाई है। एडीजी ने इन दोनों बदमाशों को पकड़ने के लिए पचास-पचास हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
बदमाशों को पकड़ने के लिए एसओजी को जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गौर किया जाए तो दोनों की सुराग रस्सी में लगी पुलिस टीम ने जब इनको पकड़ने का जाल बुना तो पता चला कि दोनों ने नेपाल में शरण ले ली है।
नेपाल के एक जनपद में स्थित जंगल में लकड़ी काटने का काम कर रहे हैं। इस पर पुलिस टीम नेपाल पहुंचने के लिए रवाना हुई लेकिन कोविड 19 के कारण सीमा पार जाने पर चार पहिया वाहनों की रोक के कारण टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि फरार कैदियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम को जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस को प्रयास है कि शीघ्र इनको गिरफ्तार कर लिया जाए।