औषधि विभाग के अपर आयुक्त राहुल सिंह ने प्रदेश के सभी औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है कि दवा की दुकानों पर बिना सर्दी-खांसी और जुकाम के मरीजों का डाटा तैयार कराया जाए। इसमें उनके मोबाइल नंबर, नाम, पता दर्ज हो, जिससे की उनकी भी विभाग मॉनिटरिंग कर सके। यह सूची प्रतिदिन शासन को भेजी जाए।
कोरोना के शुरुआती दौर में यह बात डॉक्टरों के सामने आई थी कि बिना किसी सलाह के लोग पैरासिटामॉल, ब्रूफेन सहित अन्य सर्दी-खांसी और बुखार का दवा खा ल रहे थे। स्क्रीनिंग के दौरान उनके शरीर के तामपान का भी पता नहीं चल पा रहा था।
इसके बाद अलक्षाणिक वालों में जब कोरोना मिलना शुरू हुआ तो यह पता चला कि इन्होंने पहले से ही दवा खाई थी। इसके बाद शासन की ओर से यह फैसला लिया गया है, जिससे की समय रहते ऐसे लोगों की मॉनिटरिंग हो सके।
सहायक औषधि आयुक्त राजेश कुमार ने कहा कि शासन की ओर से पत्र मिला है। इसकी जानकारी सभी दवा दुकानदारों को दी जा रही है। सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।