अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता का कहना था कि घटना एक मार्च 2004 की रात करीब आठ बजे की है। वादी शमशाद के मोहल्ले के कमर की गाड़ी उसी के दरवाजे के सामने गिरी हुई थी। वादी के मामू आमान उस रास्ते जा रहे थे तो अभियुक्तों ने वादी मामू के ऊपर गाड़ी गिराने का आरोप लगाते हुए लाठी डंडा गुप्ती से मारने-पीटने लगे।
हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश अभय प्रकाश नारायण तिवारीपुर थाना क्षेत्र के घोषीपुर निवासी अभियुक्त शादाब उर्फ सैय्यद मुनीर,शाद उर्फ मुशीर व कैफी को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को 33 हजार पांच सौ रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता का कहना था कि घटना एक मार्च 2004 की रात करीब आठ बजे की है। वादी शमशाद के मोहल्ले के कमर की गाड़ी उसी के दरवाजे के सामने गिरी हुई थी। वादी के मामू आमान उस रास्ते जा रहे थे तो अभियुक्तों ने वादी मामू के ऊपर गाड़ी गिराने का आरोप लगाते हुए लाठी डंडा गुप्ती से मारने-पीटने लगे।
वादी के पिता आरिफ उर्फ शहजादे, रियाज, आफाक, राजू, इमराना,संजीदा उर्फ नन्ही बीच बचाव करने आए तो अभियुक्तों ने जान मारने की नियत से बंदूक से कई बार फायर किया। जिसमे वादी के पिता आरिफ खान उर्फ शहजादे की मृत्यु हो गई और बाकी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।