हत्या कर लाश छिपाने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश पंकज श्रीवास्तव ने घोसीपुरवा के फखरुद्दीन अली उर्फ बग्गा, शिवपुर सहबाजगंज के सुमित कुमार मिश्र व अंधियारीबाग के सुशील कुमार को सजा सुनाई है। प्रत्येक को 15 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अतुल शुक्ल एवं प्रमोद मौर्य का कहना था कि वादी नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव के चाचा राजेश श्रीवास्तव की धर्मपुर तिराहे पर दुकान है। 30 जुलाई 2006 की रात करीब 11 बजे तक जब वादी के चाचा घर नहीं आए तो परिवार के लोग उन्हें तलाशने लगे।
रात 11:30 बजे वादी को सूचना मिली कि उसके चाचा की लाश उनके दुकान के सामने नाले में पड़ी है। दौरान विवेचना अभियुक्तों का नाम प्रकाश में आया और पता चला कि अभियुक्तों ने मिलकर वादी के चाचा की हत्या कर लाश छिपाने के लिए उसे नाले में डाल दिया था।
हत्या की कोशिश के अभियुक्तों को सजा
हत्या के प्रयत्न का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने पिपराइच थाना क्षेत्र के ग्राम रतनपुर बड़का टोला निवासी राम आशीष गुप्ता व श्यामसुंदर गुप्ता को 83 माह के कठोर कारावास व प्रत्येक को 25 सौ रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।