गोरखपुर। गोरखनाथ थाने में एलआईसी एजेंट के खिलाफ पॉलिसीधारक से धोखाधड़ी कर करीब 80 हजार रुपये हड़पने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कोतवाली क्षेत्र के बेनीगंज निवासी सीताराम उपाध्याय का आरोप है कि एजेंट बाल गोविंद दुबे ने वर्ष 2009 में उनकी जीवन बीमा पॉलिसी कराई थी। इसके बाद हर तीसरे महीने 1,322 रुपये प्रीमियम के नाम पर नकद लेता और रसीद देता रहा। वर्ष 2025 में पॉलिसी की अवधि पूरी होने पर एलआईसी कार्यालय पहुंचने पर उन्हें पता चला कि पॉलिसी मई 2010 से ही बंद है।
सीताराम निजी कंपनी में काम करते हैं। उनके मुताबिक, एजेंट को वह नियमित रूप से प्रीमियम की रकम देते रहे। तारामंडल स्थित एलआईसी शाखा में रसीदें दिखाने पर जांच हुई तो रिकॉर्ड में मई 2010 के बाद कोई प्रीमियम जमा नहीं मिला। एजेंट की ओर से दी गई रसीदें भी फर्जी पाई गईं। यह जानकारी मिलने के बाद सीताराम को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।
पीड़ित का आरोप है कि मई 2010 से मई 2025 तक वह एजेंट को लगातार प्रीमियम की रकम देते रहे लेकिन एलआईसी में जमा नहीं किए गए। इस अवधि में करीब 80 हजार रुपये हड़प लिए गए। मामले की जानकारी होने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भेजी। इसके बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया और सोमवार शाम गोरखनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी
सीताराम का आरोप है कि जब उसने एजेंट से अपनी रकम वापस मांगी तो जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद उसने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। गोरखनाथ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच उपनिरीक्षक अनीश कुमार सिंह को सौंपी गई है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।