गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में बिजनौर से आए चार तेंदुओं को रखा गया है। सभी का इलाज चल रहा है। रविवार को बिजनौर से आए एक तेंदुए के चेहरे पर चोट लग गई थी। रास्ते में आते समय उसने पिंजरे पर अपना जबड़ा दे मारा था। इसके अलावा पहले से आए तीनों तेंदुए भी रह-रहकर हिंसक हो जा रहे हैं। इन्होंने भोजन व जल का भी त्याग कर दिया है।
बिजनौर के जंगलों से खोजकर तेंदुओं को प्रदेश के अलग-अलग चिड़ियाघरों में भेजा जा रहा है। वहां से गोरखपुर चिड़ियाघर में कुल चार तेंदुए लाए जा चुके हैं। दो तेंदुए यहां पहले से ही सामान्य बाड़ों में हैं। अभी यह तय नहीं है कि बिजनौर से लाए गए चारों हिंसक तेंदुओं को जंगल में छोड़ा जाएगा या चिड़ियाघर के बाड़ों में ही रखा जाएगा।
फिलहाल, सभी को अभी यहां पशु अस्पताल में रखा गया है। यहां उनका उपचार चलेगा। ठीक होने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा या चिड़ियाघर के बाड़े में रखा जाएगा, इस पर फैसला लिया जाएगा।
प्राणि उद्यान के निदेशक डाॅ. मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि बिजनौर से आए तेंदुए वयस्क हैं। साथ ही वे गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें स्वस्थ रखने का प्रयास चल रहा है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि अस्पताल में पहुंचे तीनों तेंदुओं में एक गंभीर रूप से घायल है। उसे काफी चोटें आई हैं। दूसरा पिंजरे से बाहर निकलने के प्रयास में दीवार से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गया है।