स्कूल की खिड़की तोड़कर निकाले जा रहे बच्चे।
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संतकबीरनगर जनता इंटर कॉलेज में तेंदुए के घुसने से बच्चे और शिक्षक घबड़ा गए। दो छात्राएं तो बेहोश हो गईं। करीब दो घंटे तक कमरे में 45 बच्चे और शिक्षक खुद को बंद करके सुरक्षित रखे। बाद में पीछे से खिड़की को तोड़ कर एक-एक करके बच्चों और शिक्षकों को बाहर निकाला गया। इधर सूचना पर धर्मसिंहवा समेत आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। मौके पर भीड़ जुट गई। लोग एक-दूसरे से घटना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश करते सुने गए। आसपास के गांवों के लोग भी रात में रखवाली में जुटे हुए हैं।
धर्मसिंहवा में स्थित जनता इंटर कॉलेज में सोमवार को दोपहर में तेंदुआ घुस गया। तेंदुआ के घुसने की सूचना पर बच्चे और शिक्षक शकपका गए। रसोई घर के बगल स्थित कमरे में तेंदुआ बैठा था। जबकि उसी के बगल एक कमरे में कक्षा छह के 45 बच्चे और दो शिक्षक मौजूद थे। बच्चों को सुरक्षित करने के लिए शिक्षकों ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया। जबकि तेंदुआ जब बाहर भागा तो विद्यालय के अन्य कमरों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को एक-एक करके पुलिस ने मुख्य गेट से बाहर निकाला। इधर, 45 बच्चे और दो शिक्षक दो घंटे कमरे में खुद को बंद रखे। बाद में खिड़की को तोड़ कर उन बच्चों और शिक्षकों को बाहर निकाला गया।
इस दौरान तेंदुए के घुसने की घटना से कक्षा नौ की छात्रा साधना गौड़ और कक्षा आठ की छात्रा रिमझिम काफी देर तक बेहोश पड़ी रहीं। होश में आने के बाद उन्हें सुरक्षित अन्य बच्चों के साथ बाहर निकाला गया। उधर, विद्यालय के बाहर लोगों की भीड़ मकानों की छतों पर तथा पेड़ पर चढ़कर तेंदुए की गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे।
एक वनकर्मी हुआ घायल
धर्मसिंहवा गांव के रहने वाले नसीबदार तथा राजन पटवा के घायल होने की सूचना से लोग काफी भयभीत हो गए। अगल-बगल के छिबरा, देऊरा, सीकरी गौरी राई आदि गांवों में लोग सतर्क हो गए। सूचना के दो घंटे बाद वन विभाग की टीम के पहुंचने से लोगों में नाराजगी साफ झलकी। देर शाम तक विद्यालय परिसर के बाहर लाठी-डंडा आदि लेकर लोग खड़े दिखे। सभी को तेंदुए के हमले का डर सता रहा था।
इधर, वन विभाग की टीम और जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य संतोष कुमार सिंह और अन्य शिक्षक विद्यालय में मौजूद हैं। प्रधानाचार्य संतोष कुमार सिंह ने बताया कि तेंदुआ स्कूल से दोपहर में लगभग 12:00 बजे भाग कर बाहर चला गया था, लेकिन बाद में एक वन कर्मी को घायल करते हुए दोबारा शाम चार बजे विद्यालय परिसर की गैलरी में बैठ गया।
उन्होंने बताया कि तेंदुए के हमले से कोई बच्चा घायल तो नहीं हुआ, लेकिन बच्चों एवं शिक्षकों में तेंदुए का दहशत समा गया। दो छात्राओं की हालत खराब हो गई थी, जिन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
डीएफओ रंगाराजू टी ने बताया कि रात भर रोशनी के बीच वन विभाग की टीम पुलिस के साथ कैंप करेंगी। सुबह होने पर तेंदुए की तलाश की जाएगी। यदि इस बीच तेंदुआ दिखा तो उसे पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि तेंदुआ एक कमरे में लकड़ी के ढेर के बीच में छिप गया है। लोगों को डरने की जरूरत नहीं, वरन सतर्क रहने की जरूरत है।