लेखपालों का निलंबन वापस, वेतन भी नहीं कटेगा
हड़ताल पर रहने की वजह से 32 लेखपालों को किया गया था निलंबित
605 लेखपालों को ‘नो वर्क नो पे’ की नोटिस दिया गया था
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शासन की तरफ से एस्मा लगाए जाने के बाद भी हड़ताल पर जमे लेखपालों पर हुई सभी तरह की कार्रवाई वापस ले ली गई हैं। जिला प्रशासन की तरफ से 32 लेखपालों को जहां निलंबित किया गया था वहीं 605 को ‘नो वर्क नो पे’ का नोटिस दिया गया था। लेखपालों के काम पर लौटने के बाद शासन स्तर से ही कार्रवाई वापस लेने के निर्देश दिए गए था जिसपर अब जिले में भी अमल हो गया है। सभी के निलंबन वापस ले लिए गए हैं और किसी भी लेखपाल का वेतन नहीं कटेगा। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 10 दिसंबर से ही जिले के लेखपाल हड़ताल पर थे जो 18 दिन तक चली। सप्ताह भर के बाद ही शासन ने एस्मा लागू कर दिया। बावजूद इसके लेखपालों का हौसला नहीं टूटा। जिसके बाद पदाधिकारियों समेत सभी सक्रिय लेखपालों को निलंबित करने की कार्रवाई शुरू हो गई थी। 28 दिसंबर की शाम लेखपालों की हड़ताल खत्म हुई।
प्रमाण पत्रों के लिए दौड़ लगा रहे अभ्यर्थी
18 दिनों तक चली लेखपालों की हड़ताल की वजह से जिले में करीब 24 हजार जाति, आय, निवास आदि के प्रमाण पत्रों के आवेदन लंबित हो गए थे। हड़ताल खत्म होने के बाद लेखपाल काम पर तो लौट आए हैं मगर अभ्यर्थियों की परेशानी अभी दूर नहीं हो पाई है। अभी भी बड़ी संख्या में प्रमाण पत्र लंबित पड़े हैं जिसकी वजह से उन्हें तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रमाणपत्र नहीं मिल पाने की वजह से कई आवेदक गोरखपुर और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में शिक्षकों समेत अन्य विभागों में भी विभिन्न पदों की नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे।