उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गगहा इलाके के मेहंदिया गांव में पैमाइश के नाम पर दो हजार रुपये घूस लेने के आरोप में हल्का लेखपाल प्रभुनाथ यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने आरोपित को गगहा पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि पांच सौ रुपये वह पहले ही ले चुका था और दो हजार देने से पहले ही भ्रष्टाचार निरोधक टीम को सूचना दे दी गई थी।
जानकारी के मुताबिक, मेहंदिया निवासी कृष्ण मुरारी सिंह, श्यामसुंदर सिंह लक्ष्मण सिंह, कृष्ण मोहन सिंह व राम सिंह गाटा संख्या 26 क व 26 ख के सीमांकन के लिए लगातार हल्का लेखपाल से पैरवी कर रहे थे, जिसके एवज में लेखपाल ने सीमांकन के लिए 2500 रुपये की मांग की तो सत्यप्रकाश सिंह पुत्र कृष्ण मोहन सिंह ने 500 रुपये पहले देकर बाकी दो हजार रुपये 22 अक्तूबर को सीमांकन के समय मौके पर देने की बात कही।
सत्य प्रकाश सिंह ने इसकी सूचना 19 अक्तूबर को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को दे दी थी। पहले से निर्धारित स्थान पर भ्रष्टाचार निरोधक विभाग गोरखपुर के प्रभारी निरीक्षक देव प्रकाश रावत, उप निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, चंद्रेश यादव, चन्द्रभान मिश्रा, शैलेन्द्र कुमार राय व शैलेन्द्र कुमार सिंह मेंहदरांव पहुंचे थे। खेत का सीमांकन होना था। तभी हल्का लेखपाल प्रभुनाथ यादव भी मौके पर पहुंचे और सीमांकन से पहले पैसे की मांग की।
जैसे ही सत्य प्रकाश सिंह ने लेखपाल प्रभुनाथ यादव को दो हजार रुपये दिए, वहां पहले से मौजूद टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने प्रभारी देव प्रकाश रावत की तहरीर पर लेखपाल के खिलाफ केस दर्ज किया है।