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Gorakhpur News: नया गोरखपुर के लिए होने लगी जमीनों की रजिस्ट्री

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गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की बहुप्रतीक्षित ''''नया गोरखपुर योजना'''' के लिए जमीनों की रजिस्ट्री जारी है। कुसम्ही क्षेत्र के तीन गांवों में अनिवार्य भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। अब उत्तर दिशा के बालापार, रहमतनगर और मानीराम गांवों में भी यह प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल रही है।
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प्रशासन का लक्ष्य है कि लगभग 400 एकड़ जमीन अनिवार्य अर्जन के माध्यम से ली जाए, ताकि इस मेगा प्रोजेक्ट का विकास कार्य गति पकड़ सके। किसान लगातार मुआवजा दरों को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। उनका कहना है कि शहर के तेजी से फैलते दायरे और कनेक्टिविटी के कारण उनकी जमीनों की वास्तविक कीमत कहीं अधिक है, जबकि उन्हें पुराने सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है। जीडीए की ''''नया गोरखपुर योजना'''' लगभग 24 गांवों को कवर करती है। इनमें से आधे गांव कुशीनगर मार्ग पर और शेष बालापार क्षेत्र में स्थित हैं।
तकिया मेदिनीपुर के किसान संतोष गुप्ता का कहना है कि हमारी जमीन ही हमारा सब कुछ है। अगर जमीन चली जाएगी तो कुछ नहीं बचेगा। तकिया मेदिनीपुर के किसान बहादुर प्रजापति ने कहा कि प्रशासन और सरकार को हमारी भी सुननी चाहिए। जबरन अधिग्रहण ठीक नहीं है। हम कहां जाएंगे। भूमिहीन होने पर दोबारा इतनी जमीन भी नही खरीद पाएंगे।
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जीडीए के अनुसार, पूरी परियोजना से न केवल नए आवासीय और औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे बल्कि रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे। अब धारा 11 के तहत अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि बालापार, रहमतनगर और मानीराम गांवों को ''''गुरुकुल सिटी'''' क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां आवासीय, शैक्षणिक और वाणिज्यिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नया गोरखपुर के लिए जमीनों की रजिस्ट्री शुरू है।
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