इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन ने जांच के लिए एक कमेटी का गठित की है। इसकी रिपोर्ट जल्द आएगी। स्कूल प्रबंधन ने अब तक क्या कार्रवाई की, इसकी जानकारी एडी बेसिक, डीआईओएस और बीएसएस को भी दी है।
स्कूल प्रबंधक का कहना है कि शिक्षिका का कृत्य अनुचित है। इसे किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता है। शिक्षिका का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पढ़ाई के व्हाट्स एप ग्रुप से पाकिस्तान से संबंधित पाठ्यसामग्री को भी हटा दिया गया है।
शिक्षिका शादाब खानम ने पढ़ाई के दौरान अपने मोबाइल नंबर से पीडीएफ फाइल व्हाट्स एप ग्रुप पर भेजा था। इसमें लिखा था कि मैं भी पाकिस्तान आर्मी ज्वाइन करूंगा( i will join pak army), पाकिस्तान हमारी प्यारी मातृभूमि (Pakistan is our dear homeland) और पाकिस्तानी पायलट (Rashid minhas was a brave soldier) बहादुर सिपाही बताया था।
शिक्षिका ने मीडिया को दिए गए अपने बयान में इंटरनेट से अध्ययन सामग्री को कॉपी करके ग्रुप पर भेजने की गलती स्वीकारी थी, मगर शिक्षिका का ये तर्क स्कूल प्रबंधन के गले नहीं उतर रहा है। स्कूल प्रबंधन का मानना है कि गूगल पर नाउन को सर्च करने के दौरान आसानी से पाकिस्तान से जुड़ा कोई उदाहरण सामने नहीं आता है। यह कृत्य सुनियोजित साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं।
डीआईओएस ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि स्कूल प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की गई है। यह मामला बेहद गंभीर है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई है। राष्ट्रविरोधी प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इसकी गहनता से जांच जरूरी है।
स्कूल एसोसिएशन ने भी जताई चिंता
पाकिस्तान के महिमा मंडल का मामला सामने आने के बाद से स्कूल एसोसिएशन ऑफ गोरखपुर ने भी चिंता जताई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है की कक्षा में क्या पढ़ाया जाता था, यह सिर्फ बच्चे को पता रहता था। अब ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। सब कुछ माता-पिता की निगाह में है। इस तरह की गलती भारी पड़ेगी।
ऑनलाइन पढ़ाई में राष्ट्रविरोधी गतिविधि और कुछ भी आपत्तिजनक न हो, इसका ख्याल हर प्रबंधतंत्र को रखना होगा। पूरे सिस्टम की मानीटरिंग की जरूरत है। पढ़ाई के जो भी व्हाट्स एप व वेबकास्ट ग्रुप बने हैं, उसमें स्कूल प्रबंधक या फिर प्रिंसिपल को जोड़ा जाना चाहिए। ऐसा हुआ तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकेगा। निगरानी प्लेटफार्म को और मजबूत बनाने की जरूरत है।