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लॉकडाउन में काम न मिलने पर मुंबई से घर लौट रहा था मजदूर, नहीं पता था रास्ते में मिलेगी ऐसी मौत

Wed, 13 May 2020 05:52 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, हरिहरपुर (संतकबीरनगर)।
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सांकेतिक तस्वीर।
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उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के महुली क्षेत्र के मैनसिर गांव निवासी मजदूर की मुंबई से लौटते समय रास्ते में मंगलवार को मौत हो गई। साथ आने वालों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। उन्हीं लोगों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। ये जानकारी पीड़ित परिजनों ने दी।
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मैनसिर गांव निवासी 35 वर्षीय सूर्यनाथ पुत्र स्वर्गीय पारसनाथ पासवान मुंबई में रहकर मजदूरी करते थे। लॉकडाउन में काम न मिलने की वजह से जब उसे खाने रहने की परेशानी होने लगी तो वह कुछ लोगों के साथ मुंबई से ट्रक से घर लौट रहा था।

पीड़ित पत्नी रंजू ने बताया पति कुछ लोगों के साथ मुंबई से घर लौट रहे थे। रास्ते में महाराष्ट्र में ही अचानक पति की तबियत खराब हो गई। साथ लौट रहे लोगों ने पुलिस के सहयोग से उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान पति की मौत हो गई।
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साथियों ने मौत की सूचना मृतक के फोन के जरिए उसकी पत्नी को दी। उस समय मृतक की पत्नी रंजू सहजनव क्षेत्र में अपने मायके में थी। सूचना पर जब वह थाने पहुंची तो पुलिस ने मृतक के साथ मौजूद रहे पुलिस कर्मियों से वार्ता कराई और वहीं मृतक सूर्यनाथ का दाह संस्कार कर दिया गया।  

सूर्यनाथ की मौत से पत्नी रंजू का सुहाग उजड़ गया, वहीं उसका आठ वर्षीय पुत्र आदित्य, तीन वर्षीय पुत्र आदर्श व पांच वर्षीय पुत्री अदिती अनाथ हो गए। मजदूर की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मैनसिर प्रधान के बेटे राम प्रसाद और रामकेश ने बताया कि गरीबी में जीवन बसर कर रहे मजदूर की मौत से परिवार के भरण का संकट उत्पंन हो गया।
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