एनई रेलवे मजदूर यूनियन एवं ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के सहायक महामंत्री 104 वर्षीय केएल गुप्त के जज्बे का जवाब नहीं है। उनकी उम्र में किसी के लिए चलना-फिरना आसान नहीं होता है और यह उनकी विल पावर है कि कूल्हे की हड्डी जुट गई है और वे चलने की कोशिश में जुट गए हैं।
रेलवे अस्पताल से अब वे अपने पुरदिलपुर स्थित आवास पर शिफ्ट हो गए हैं। महामंत्री केएल गुप्ता 7 जनवरी को केंद्रीय कार्यालय में सुबह बिस्तर से नीचे गिर गए थे और इस दौरान उनके बाएं कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। रेल कर्मियों ने उन्हें तत्काल अग्रवाल हड्डी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां ऑपरेशन कर हड्डी जोड़ी गई थी।
इसके बाद उन्हें रेलवे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, तभी से वे अस्पताल के वीआईपी प्राइवेट रूम में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। कोरोना संक्रमण के चलते रेलवे अस्पताल के ज्यादा से ज्यादा हिस्से को कोरोना वार्ड और आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है।
संक्रमण के खतरे को देख डॉक्टरों की सलाह पर महामंत्री ने खुद को रेफर करा लिया और अपने आवास पर चले आए हैं। अमर उजाला से बातचीत में महामंत्री ने बताया कि अब कूल्हे की हड्डी जुट गई है । धीरे-धीरे वह वाकर के सहारे टहलने की कोशिश कर रहे हैं। रेलकर्मियों और शुभचिंतकों का लगाव और काम करने लालसा मुझे उर्जा दे रही है। जल्द ही ठीक होकर सबके बीच आऊंगा।