प्रतिदिन खाने वाले नमक में सोडियम और पोटेशियम होता है। सोडियम बीपी बढ़ाता है तो पोटेशियम उसे कम करता है। बाजार में दो तरह के नमक मिलते हैं। इनमें एक रिफाइंड, आयोडीन सफेद नमक और दूसरा क्रिस्टल और पाउडर रूप में सेंधा और काला नमक। डॉक्टरों का मानना है कि सफेद नमक में सोडियम और अन्य केमिकल अत्यधिक मात्रा में होते है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहतर नहीं माने जाते हैं।
जबकि सेंधा नमक में कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैगनिशियम, कॉपर जैसे लगभग 94 तरह के खनिज तत्व पाए जाते हैं। सेंधा नमक सबसे अच्छा माना गया है। डॉ राजेश कुमार ने बताया कि हल्के गुलाबी रंग वाले सेंधा नमक को हिमालयन नमक भी कहा जाता है।
इस नमक के सेवन से कई तरह की बीमारियां नहीं होती है। इनमें ब्लड प्रेशर, त्वचा रोग, आर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस, डिप्रेशन, स्ट्रेस आदि है। इस नमक के सेवन से पाचन भी अच्छा रहता है। नमक से कब्ज, पाचन समस्या, गैस, सीने की जलन, गोइटर, हिस्टीरिया, मंद दृष्टि, हाई ब्लड प्रेशर, रक्त की कमी और अन्य कई बिमारियां नहीं होती है।