सौरमंडल के सबसे प्रमुख ग्रहों में शनि ग्रह की गणना होती है। यह ग्रह मानव के जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह से प्रभाव डालते हैं। पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि मानव का कर्म जैसा होता है शनि देव उसे वैसा ही फल देते हैं। अच्छे कार्य करने वालों को अच्छा और खराब कार्य करने वालों को खराब फल देना शनि देव का कार्य है। ऐसे में इन्हें न्याय का देवता भी कहा जाता है।
शनि देव को ऐसे करें प्रसन्न
- पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिदेव की पूजा सूर्यास्त के बाद करनी चाहिए।
- शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को पीपल के पेड़ की जल में अर्पित करें। इसके बाद शनिदेव का ध्यान करते हुए सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनिदेव के मंत्रों का भी जाप करें।
- एक कटोरी सरसों का तेल लें। इस तेल में अपने छवि देखें। फिर इस तेल को किसी जरुरतमंद को दान कर दें।
- शनिवार को दिन ढलने के बाद कुष्ठ रोगियों को काले रंग का पेय पदार्थ पिलाएं। संभव हो तो उन्हें काले रंग के वस्त्र भी दान करें।
- सात प्रकार का अनाज लें। इस अनाज को अपने सिर से सात बार घुमाएं और इसे दान कर दें।