क्या कोरोना संक्रमित स्वस्थ होने के बाद पुन संक्रमित हो सकता है? होम क्वारंटीन परिवार में टीकाकरण कैसे होगा? निगरानी समिति में सिर्फ आशा कार्यकर्ता और प्रधान ही सक्रिय दिख रहे हैं? इन सभी सवालों पर चर्चा हुई और बेहतर उत्तर भी प्राप्त हुए। साथ ही कोरोना के हर पहलू पर बात हुई।
यूनीसेफ के प्रशिक्षक डॉ. निर्मल सिंह ने बताया कि 100 में से 81 लोगों को यह बीमारी कम लक्षणों के साथ होती है और अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन चिंता का विषय यह है कि यह 81 लोग भी कोरोना के वाहक हो सकते हैं।
14 फीसदी लोगों में गंभीर लक्षण दिखते हैं जबकि 4.7 फीसदी लोगों में यह बीमारी क्रिटिकल रूप धारण कर लेती है। उन्होंने प्रवासियों के बारे में व्यवहार परिवर्तन पर खासतौर से जानकारी दी। यूनीसेफ के ही प्रशिक्षक सत्यवीर ने निगरानी समितियों के बारे में समझाते हुए बताया कि जिनके घरों में होम क्वारंटीन का इंतजाम न हो उन्हें निगरानी समिति को प्रयास करके कम्युनिटी क्वारंटीन की व्यवस्था करवानी चाहिए।