केस चार
भाजपा विधायक विपिन सिंह पर पड़ोसी के वाहन चालक को पीटने का आरोप लगा। मामले में कैंट थाने से डीजीपी तक शिकायत की गई। जांच के नाम पर कई बार पुलिस फरियादी के घर भी पहुंची लेकिन 17 जनवरी 2020 के इस मामले में आज तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। थक हार पड़ोसी एनडी सोलंकी कोर्ट गए। लॉकडाउन की वजह से अभी फैसला नहीं आ पाया है।
केस पांच
छात्रसंघ चौराहा स्थित पनेशिया हॉस्पिटल के मालिकाना हक को लेकर विवाद हुआ। इस मामले में भाजपा सांसद कमलेश पासवान भी एक पार्टी बने हैं और उनकी तहरीर पर विपक्षियों पर एससीएसटी एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ है। जबकि विपक्षी विजय पांडेय की तहरीर पर कमलेश पासवान व उनके सहयोगियों पर डकैती, बलवा व अन्य धाराओं में केस है। केस हुए 72 घंटे गुजर गए मगर जांच वहीं की वहीं है।
पुलिस जांच जारी होने का हवाला देकर मामले को टाल देती है। पुलिस पर ऐसी क्या मजबूरी होती है कि वह इन जांचों को पूरा नहीं करती है, यह शोध का विषय है। आखिर माननीयों के मामले में पुलिसिया जांच की चाबी कहां खो जाती है। ऐसा लगता है कि जांच पर ताले लग गए।
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर गुण दोष के आधार पर कार्रवाई करती है, जो भी शिकायत आती है उसकी गहनता से जांच कर कार्रवाई की जाती है। किसी किसी मामले में साक्ष्य जुटाने में समय लग जाता है।