भटनी से वाराणसी तक बड़ी लाइन सेवा का उद्घाटन 29 जुलाई 1990 को किया गया था।
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चौरीचौरा की ऐतिहासिक घटना को यादगार बनाने के लिए रेलवे ने 30 साल पहले जुलाई 1990 में चौरीचौरा एक्सप्रेस चलाई थी। यह ट्रेन गोरखपुर से रोजाना इलाहाबाद (अब प्रयागराज) तक जाती थी। अब यह ट्रेन कानपुर अनवरगंज तक चलाई जाती है। इस ट्रेन का चौरीचौरा स्टेशन पर स्टापेज किया गया है।
दरअसल, पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में भटनी से वाराणसी तक बड़ी लाइन सेवा का उद्घाटन 29 जुलाई 1990 को किया गया। उस समय प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी और जार्ज फर्नांडीज रेलमंत्री थे।
बड़ी लाइन पर गोरखपुर से तीन एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई गई। गोरखपुर से इलाहाबाद तक चौरीचौरा एक्सप्रेस और वाराणसी से गोरखपुर होकर लखनऊ तक कृषक एक्सप्रेस रोजाना और गोरखपुर से दादर, मुंबई के लिए वाराणसी होकर काशी एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन चली।
चौरीचौरा स्टेशन से रोजाना 1800 यात्री करते थे सफर
चौरीचौरा स्टेशन के बारे में रेलवे के दस्तावेजों में मौजूद आंकड़ों के मुताबिक 1990 में करीब 1800 यात्री रोजाना विभिन्न ट्रेनों से सफर करते थे। इसमें चौरीचौरा एक्सप्रेस से सफर करने वालों की संख्या ज्यादा थी।