उनका कहना था कि उनके घर का टैक्स 2021-22 से ही बढ़कर आ रहा है। टैक्स वित्तीय वर्ष 2023-24 से लिया जाए। नगर निगम के पार्षदों ने भी इस सहमति जताई। इसके बाद नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में सहमति देकर शहरवासियों को बड़ी राहत दे दी है।
कैंप लगाकर आपत्तियों का होगा निस्तारण
जीआईएस सर्वे के बाद जारी नोटिसों को लेकर आम नागरिकों को काफी समस्या आ रही थी। लोगों का टैक्स 20 से 50 गुना तक बढ़कर आ रहा था। इसपर आने वाली आपत्तियों को निगम कैंप लगाकर निस्तारित करेगा।
2023-24 से जीआईएस सर्वे के आधार पर टैक्स लेने के फैसले से निगम को कम आपत्तियां आने की उम्मीद है। कैंप में आए आवेदनों व आपत्तियों को रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। जिस पर जोनल अधिकारी व जोन के कर अधीक्षक हस्ताक्षर करेंगे।
शिविर समाप्ति के बाद नगर आयुक्त व अपर नगर आयुक्त प्रथम रजिस्टर को देखेंगे। निस्तारण से पहले स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। आपत्ति निस्तारण के बाद बिल जारी कर टैक्स वसूली शुरू की जाएगी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय राय ने बताया कि नए वार्डों में कर निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लोगों से सेल्फ असेसमेंट भी मांगा जाएगा। इसके साथ ही जिन वार्डों में जीआईएस की नोटिस नहीं गई है, उसे जल्द वितरित कराया जाएगा। नोटिस पर आने वाली आपत्तियों को जल्द से जल्द निस्तारित किया जाएगा।
भगत चौराहे के राजन सिंह ने बताया कि जीआईएस सर्वेक्षण के आधार पर आए नोटिस में हाउस टैक्स काफी बढ़ गया था। इसको जमा करने में काफी दिक्कत होती। लेकिन इसे 2023-24 से लेने का फैसला स्वागत योग्य है। इससे कुछ हद तक राहत मिली है।
बुद्ध विहार के अजय मल्ल ने बताया कि जो नोटिस मिला था उसमें 2021-22 और 2022-23 से ही बिल बढ़कर आया था। हमने शिकायत दर्ज कराई थी कि तीन गुना ज्यादा टैक्स का बिल मिला है। दो साल के बढ़े बिल से छूट मिल गई है, थोड़ी राहत जरूर मिली है।