ITM के व्यवसाय प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार मिश्र।
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प्रबंधन एक ऐसा अचूक हथियार है जिसके बिना हम किसी भी तरह की लड़ाई नही लड़ सकते, आज के समय में संचार और तकनीकी के क्षेत्र में हो रहे बदलाव के कारण आने वाले भविष्य में व्यावसायिक संगठनों के लिए संसाधनों का उचित प्रबंधन करना एक चुनौती होगा। जो व्यक्ति या संगठन जितना बेहतर तरीके से संसाधनों का प्रबंधन करेगा, वह व्यवसाय के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करने में सफल होगा ।
चाहे संसाधनों के उचित प्रबंधन का मामला हो या मार्केट शेयर पर कब्जे की जंग, डेटा मैनेजमेंट की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। समूचा विश्व अब डेटा द्वारा संचालित है। पीपुल एनालिटिक्स प्रबंधन में बहुत कारगर साबित हो रही है। सटीक डेटा लक्ष्य को भेदने में कितना सहयोगी हो सकता है, इसके अनेक उदाहरण हमें अपने इतिहास के पन्नों में भी मिलते हैं।
सबसे सटीक उदाहरण पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गौरी के अंतिम युद्ध के बारे में मिलता है, जब चंद्रबरदाई द्वारा दिया गया डेटा पृथ्वीराज चौहान के लिए अपने लक्ष्य का संधान करने में बहुत कारगर साबित होता है। चंद्रबरदाई कहते हैं-
चार बांस चौबीस गज अंगुल अष्ट प्रमाण
ता ऊपर सुल्तान है, मत चूको चौहान ।
पृथ्वीराज की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है। ऐसे में चंद्रबरदाई द्वारा दिया गया यह डेटा उन्हें मुहम्मद गौरी की सटीक लोकेशन बता देता है। इस डेटा के आधार पर वह तीर चलाकर लक्ष्य को बेधने में सफल हो जाते हैं।
संचार माध्यमों के विकास के साथ हमारे आसपास आंकड़ों और सूचनाओं की भरमार हो गई है। अगर हम सही परिणाम चाहते हैं तो सूचनाओं के समुद्र से जरूरी डेटा का मोती निकालने की कला सीखनी होगी। डेटा के जंगल में पेड़ के पत्ते गिनने के बजाय हमारी निगाह अर्जुन की तरह सिर्फ चिड़िया की आंख पर होनी चाहिए।
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