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Gorakhpur News: लूट का मुकदमा नहीं दर्ज करने पर कौवाबाग चौकी इंचार्ज और चार सिपाही निलंबित

Wed, 21 Dec 2022 10:08 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने कहा कि लूट का मुकदमा दर्ज होने की शिकायत के आधार पर जांच कराई गई, जांच रिपोर्ट में पुलिस वालों के कर्तव्यो के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता, अनुशासनहीनता, गैरजिम्मेदाराना, अकर्मण्यता तथा स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
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विस्तार
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युवती से लूट का मुकदमा नहीं दर्ज करने के आरोप में एसएसपी ने कौवाबाग चौकी इंचार्ज धर्मवीर सिंह और चार सिपाही को निलंबित कर दिया। एसएसपी ने दोनों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया है, जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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जानकारी के मुताबिक, पादरी बाजार के सुंदर नगर कालोनी में रहने वाली नर्सिंग छात्रा रचना चौहान पढ़ाई के साथ ही घर जाकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती है। 19 नवंबर की रात आठ बजे वह बच्चों को पढ़ाकर स्कूटी से घर लौट रही थीं। श्रीराम चौराहा पर बाइक सवार बदमाशों ने पर्स छीनने का प्रयास किया। नाकाम होने पर स्कूटी में धक्का देकर छात्रा को गिरा दिया।

सड़क पर गिरी रचना का पर्स लेकर बदमाश फरार हो गए। उनके मुंह हाथ, पैर व कोहनी में गंभीर चोट लग गई। घटना की जानकारी उन्होंने पादरी बाजार चौकी पर दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उपचार कराने के बाद तहरीर दी, लेकिन किसी ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी ने जांच के आदेश दिए थे, जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने चौकी कौवाबाग धर्मवीर सिंह (तत्कालीन चौकी प्रभारी पादरी बाजार) , सिपाही चन्द्रभान कन्नौजिया, सिपाही अखिलेश यादव, सिपाही अजय प्रताप चौधरी, सिपाही श्रवण कुमार को निलंबित कर दिया गया।
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सीएम से शिकायत के बाद दर्ज हुआ था केस
पीड़िता रचना बताती हैं कि लुटेरों के हमले में उनके दो दांत टूट गए। जनता दरबार में शिकायत करने पर 13 दिसंबर को शाहपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और बताया कि जिन बदमाशों पर्स लूटा था उसमें एक को तो 24 नवंबर का ही पकड़ लिया गया। फरार चल रहे दूसरे साथी की तलाश चल रही है। यह सुनकर छात्रा आवाक रह गई कि जब बदमाश घटना के पांच दिन बाद ही पकड़ लिए गए तो मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ।

एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने कहा कि लूट का मुकदमा दर्ज होने की शिकायत के आधार पर जांच कराई गई, जांच रिपोर्ट में पुलिस वालों के कर्तव्यो के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता, अनुशासनहीनता, गैरजिम्मेदाराना, अकर्मण्यता तथा स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। विभागीय जांच का आदेश दिया गया है,जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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