पुलिस ने घाटों पर एकत्र होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घाट पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी का भी इंतजाम किया था। घाट के आसपास गोताखोरों की ड्यूटी भी लगाई गई है। एडीजी गोरखपुर जोन और डीआईजी ने मंगलवार को घाटों का निरीक्षण किया था और विभिन्न निर्देश भी दिए थे।
घाट पर स्नान करते श्रद्धालु
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उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, गश्ती और गोताखोरों की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र कदम उठाए जाएं। पुलिस ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष मार्ग बनाए थे और भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग का इस्तेमाल करने की भी अपील करते रहे। घाटों पर मेडिकल और आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध रहीं।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि एक दिन पहले ही पूरी तैयारी कर ली गई थी। इसके अलावा रात्रि में ही पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी गई थी। इसके साथ ही सुबह से सर्किल अफसर लगातार गश्त कर रहे हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इसी तरह सीसीटीवी निगरानी, गश्त और गोताखोरों की ड्यूटी के साथ कार्तिक पूर्णिमा पर घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।