सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर 21 अक्तूबर को हुए ड्रोन हमले में गोरखपुर के कमलेश पांडेय की मौत हो गई। परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य के जाने से पत्नी, दो बेटियों और बुजुर्ग माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर 21 अक्तूबर को हुए ड्रोन हमले में बांसगांव क्षेत्र के किशुनपुर उर्फ बगही निवासी कमलेश पांडेय की मौत हो गई। इसकी खबर गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत से पत्नी, दो बेटियों और बुजुर्ग माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्वजन उनके शव के घर आने का इंतजार कर रहे हैं।
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हरिश्चंद्र पांडेय के बेटे कमलेश पिछले तीन वर्षों से सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट के अंदर बस चलाने का काम कर रहे थे। वह बीच-बीच में घर आते रहते थे। पांच महीने पहले ही वह दोबारा सऊदी अरब गए थे। इसी दौरान 21 अक्तूबर को एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में उनकी जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पत्नी सुनीता की हालत देखकर गांव के लोग भी गमगीन हैं।
कमलेश अपने पीछे पत्नी सुनीता और दो बेटियों तान्वी व तान्या को छोड़ गए हैं। चार भाइयों में वह दूसरे नंबर पर थे। उनके पिता किसान हैं। परिवार में एक भाई अंडमान-निकोबार में नौकरी करते हैं, जबकि दो अन्य भाई खेती-किसानी में पिता का हाथ बंटाते हैं। कमलेश की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।