डॉ. एके पांडेय ने बताया कि कालाजार बालू मक्खी से फैलने वाली बीमारी है। यह मक्खी नमी वाले स्थानों पर अंधेरे में पाई जाती है। यह तीन से छह फीट ऊंचाई तक ही उड़ पाती है। इसके काटने के बाद मरीज बीमार हो जाता है। समय से इलाज न मिलने पर 95 फीसदी मामलों में मृत्यु का खतरा रहता है।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि दस्तक अभियान में पड़ोसी जिलों की स्थिति को देखते हुए इस बार कालाजार के रोगियों को ढूंढने पर भी विशेष जोर होगा। इसके अलावा इंसेफेलाइटिस, टीबी के मरीज भी ढूंढे जाएंगे।