गोरखपुर। एम्स के ट्रामा एंड इमरजेंसी में तीमारदारों के हंगामे और जूनियर डॉक्टरों से अभद्रता के विरोध में सोमवार को डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। डॉक्टरों ने इमरजेंसी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और तीमारदारों की संख्या सीमित करने समेत कई मांगें रखीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर डॉक्टरों से बातचीत की। अधिकांश मांगों पर सहमति बनने के बाद जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए। मामला बंदर के काटने से घायल देवरिया के एक मरीज के उपचार से जुड़ा है। आरोप है कि उपचार को लेकर मरीज के साथ आए तीमारदारों ने इमरजेंसी में हंगामा किया और जूनियर डॉक्टरों से अभद्रता की। घटना के बाद डॉक्टरों ने इमरजेंसी में सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।
एम्स प्रशासन ने हंगामा करने वाले तीमारदारों के खिलाफ एम्स थाने में तहरीर दी है। डॉक्टरों ने मांग की कि इमरजेंसी में वीआईपी उपचार के लिए दबाव न बनाया जाए। सामान्य स्थिति में एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार को अंदर जाने दिया जाए। साथ ही पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं और गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी मरीज को उपचार से वंचित नहीं किया जाएगा। गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिलेगा।