सितंबर- अक्तूबर के समय तत्कालीन प्रबंध निदेशक ने बिजली निगम में कूटरचित तरीके से सेंध लगने के मामले को काफी गंभीरता से लिया था। लगातार उनकी द्वारा तत्कालीन मुख्य अभियंता एके सिंह द्वारा निगरानी करवाते हुए कार्रवाई करवाई जा रही थी। लेकिन, अचानक से प्रबंध निदेशक और मुख्य अभियंता का कार्यकाल पूरा होने के बाद मामले फिर से ठंडे बस्ते में चला गया। लेकिन, एक बार फिर से जांच अधिकारी द्वारा पत्रावलियां और अन्य सूचनाएं मांगे पर मुख्य अभियंता द्वारा खुद से भेजी जाने वाली रिपोर्ट को खुद जांच परख कर भेज रहे।
बिलिंग एजेंसी पर चेयरमैन से गड़बड़ी का लगाया आरोप
बिजली निगम की बिलिंग कंपनी के शिकायत शहर के एक उपभोक्ता ने चेयरमैन से की है। उन्होंने मामले की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है। आरोप है कि एजेंसी के पांच स्थानीय अधिकारी कम खपत का बिल बनाकर कारपोरेशन को राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं। इसके बदले प्रतिमाह इनके द्वारा उपभोक्ताओं से अलग अलग दर पर सुविधा शुल्क लिया जाता है।
इसकी जांच के लिए मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखा था। अधीक्षण अभियंता ने बिलिंग एजेंसी का मामला बताकर जांच नहीं कर पाने में असमर्थता जताई। मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि अभी किसी को जांच नहीं दी गई है। जांच के लिए अधीक्षण अभियंता को मामला दिया गया था। बिलिंग एजेंसी अपने कर्मचारियों पर निजी स्तर पर कार्रवाई करे। बिलिंग में लापरवाही होने पर हर माह बिलिंग एजेंसी के भुगतान से कटौती की जाती है।