इसी अस्पताल में जो घर है चल रहा था जे के अस्पताल
अस्पताल का पंजीकरण निरस्त, आरोपी नावेद पहले करता था झोलछाप बंगाली के पास काम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। भटहट स्थित जेके अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग को सख्त कदम उठाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा के निर्देश पर अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। पंजीकरण संबंधित जानकारी मांगने पर अस्पताल संचालकों ने कोई जानकारी नहीं दी है। अस्पताल को सील करने की प्रक्रिया चल रही है।
जानकारी में यह भी सामने आया कि जेके अस्पताल का झोलाछाप जावेद अस्पताल खोलने से पहले वह एक झोलाछाप बंगाली के पास रहकर काम करता था। अस्पताल संचालन के लिए धन की जरूरत पड़ने पर वह कुछ समय के लिए सऊदी अरब चला गया। लौटने के बाद अस्पताल खोल लिया।अस्पताल के संचालन में जावेद का भाई इम्तियाज और उसका बेटा मिंटू खान भी सहयोग कर रहे थे। अस्पताल का पंजीकरण फैजाबाद निवासी डॉक्टर इब्राहिम के नाम पर कराया गया था।
तीन सदस्यीय टीम करेगी हर पहलू की जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम अस्पताल संचालन, पंजीकरण, चिकित्सकीय सेवा, महिला की मौत से जुड़े हर पहलू की गहन जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।