बिजली घर पर बैठे दूसरे क्षेत्र के जेई परमेश्वर लाल ने कहा कि वे ही क्षेत्र के जेई हैं। दो दिन बाद आपके दुकान पर कोई लाइनमैन जाएगा। उसे फाइल व पैसा दे दीजिएगा। 16 अक्तूबर 2019 को लाइनमैन सुनील कुमार उनकी दुकान पर जाकर बोला कि जेई ने फाइल व पैसा मंगवाया है।
राम दुलारे के भाई रामानंद ने उसे फाइल व 15,000 हजार रुपये दे दिए। 17 नवंबर 2019 को लाइनमैन सुनील कुमार ने पुस्तक संख्या 16645 तिथि 16 नवम्बर 2019 की द्वितीय प्रतिलिपि रसीद देकर बिना मीटर के कनेक्शन जोड़ दिया। कहा कि मीटर तीन चार दिन में लग जाएगा। 20 नवंबर 2019 को विजिलेंस टीम ने परिसर की जांच की।
इस दौरान बिना मीटर के बिजली इस्तेमाल करने पर बिजली चोरी का केस दर्ज कराया गया। इसके बाद रामदुलारे के खिलाफ 3.45 लाख रुपये का राजस्व निर्धारण कर 50 हजार शमन जमा करने का नोटिस भेज दिया। रामदुलारे ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट के निर्देश पर रामदुलारे को राजस्व निर्धारण की राशि में राहत मिली। इसके बाद उन्होंने एसई को पत्र लिखकर जेई व लाइनमैन के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की।
अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार ने मामले की जांच जब टीम से कराई तो पता चला कि जेई परमेश्वर लाल व लाइनमैन सुनील कुमार क्षेत्र अतिक्रमण करके कनेक्शन देने व जोड़ने का दोषी है। मुख्य अभियंता आशु कालिया ने बताया कि मामले में एसई को निर्देशित किया गया है कि वे सात दिनों के भीतर मामले में दोषी अभियंता व लाइनमैन से जवाब लें। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।