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Gorakhpur News: जेल में आगजनी का आरोपी सात साल बाद गिरफ्तार

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- वर्ष 2016 में जेल से मोबाइल बरामद होने के बाद हुआ था उत्पात
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- घटना में शामिल एक अन्य आरोपी पंद्रह हजार का इनामी बिट्टू की तलाश तेज
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। 2016 में जिला जेल में मोबाइल फोन बरामद होने के बाद बंदी रक्षक की पिटाई और आगजनी कर उत्पात मचाने के एक और आरोपी को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले सात से फरार चल रहा था। अब इस मामले में फरार एक आरोपी बिहार के बिट्टू की तलाश पुलिस ने सरगर्मी से शुरू कर दी है। उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी है।
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पकड़े गए आरोपी की पहचान रामगढ़ताल के इंद्रानगर निवासी महेंद्र यादव के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपी के बारे में एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी। बताया कि 13 अक्तूबर 2016 को मंडलीय कारागार में तत्कालीन जेलर आरके सिंह ने 100 से अधिक मोबाइल फोन को बरामद किए थे। जिसके बाद बंदियों ने जेल में तोड़फोड़ व उपद्रव किया था। अभिलेखों को नष्ट किया गया था, कई जगह लगे सीसीटीवी तोड़े गए थे और किचन, पाठशाला में भी तोड़फोड़ व आगजनी की गई थी। साथ ही बंदीरक्षक राजेंद्र यादव पर जानलेवा हमला हुआ था। शाहपुर पुलिस ने तत्कालीन जेल अधीक्षक एसके शर्मा की तहरीर पर सरकारी संपत्ति नुकसान, मारपीट, हत्या के प्रयास आदि धारा में बंदी आरफीन, विवेक तिवारी, राकेश सिंह, नंदन सिंह, राकेश मणि, मनोज ओझा, चंदन यादव, शेरू राजकुमार वाजपेयी, आनंद तिवारी, दीपू उर्फ करुणेश, बुद्धि सागर शुक्ला पर नामजद व कई अज्ञात पर केस हुआ था। पुलिस ने नामजद के साथ ही अज्ञात में पहचान कर अबतक कुल 119 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। आरोपी महेंद्र यादव तभी से फरार था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। वहीं, एक अन्य आरोपी बिट्टू मिश्रा उर्फ रत्नेश निवासी पश्चिमी चंपारण बिहार फरार है। उसकी तलाश तेज कर दी गई है।
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