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जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड: मुआवजा मिला नहीं, अब केस दर्ज कराने की दे रहे चेतावनी

Tue, 20 Jun 2023 01:54 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

डीएम कृष्णा करुणेश ने कह कि किसानों से बात हो गई है। वे तैयार है। दो गांव का मामला फंसा है। उनसे भी बात हो रही है। हल निकल जाएगा। 100 करोड़ रुपये आ गए हैं। मुुआवजा जल्द ही दे दिया जाएगा। किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा।
 
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जगदीशपुर जंगल कौड़ियां रिंग रोड की खबर में: अपने खेत में लगे पिलर को दिखाते किसान राम भजन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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जगदीशपुर जंगल कौड़िया रिंग रोड के निर्माण कार्य में उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसान जल्द ही पंचायत बुलाएंगे। किसानों का कहना है कि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो हाईकोर्ट जाएंगे। बताया कि अब उनको चेताया जा रहा है कि यदि किसी ने निर्माण कार्य शुरू करने में व्यवधान किया तो उसके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। किसानों का कहना है कि हक मांगना गुनाह है तो उनके साथ इंसाफ कैसे होगा।

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जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। लेकिन अभी तक मुआवजे की रकम को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। बीते मई माह में किसानों की जमीन, बैंक डिटेल सहित अन्य कागजात लेने के लिए जगह-जगह शिविर लगाए गए। शिविर में पहुंचने वाले एसएलओ, एनएचएआई और राजस्व के कर्मचारियों से लोगों ने उचित मुआवजा देने की बात कही। तब तय हुआ कि इसका मामला जिलाधिकारी तक जाएगा। फिर उचित निर्णय आ जाएगा।

लेकिन अभी तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि कुछ लोग जो मामले की अगुवाई कर रहे हैं, जिनके पास दो दिन पूर्व फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि यदि आप लोग बात मान जाएंगे तो ठीक हैं। नहीं तो सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद से ही किसान अपनी पंचायत बुलाने की योजना बना रहे हैं। जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन रिंग रोड का करीब 1925 करोड़ की लागत से होगा। इसके लिए 26 गांव के किसानों की 154 हेक्टेयर जमीन का सर्वे कराने के बाद पिलर लगाया गया है।
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एफआईआर दर्ज कराने से नहीं होगा समाधान

हम लोग विकास कार्य का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उचित मुआवजा तो मिले। जिन किसानों की भूमि चली जा रही है। उसके बारे में भी विचार किया जाए। एफआईआर दर्ज कराने से मामले का समाधान थोड़े होगा। - अजय सिंह, किसान

लोगों का बहुत नुकसान हो रहा

चेतावनी या धमकी देने के बजाय संबंधित विभागों के अधिकारी किसानों की समस्या का समाधान कराएं। लोगों का बहुत नुकसान हो रहा है, यह बात समझने को अधिकारी तैयार नहीं हो रहे हैं। इससे कैसे इंसाफ हो पाएगा। - अमित निषाद, किसान

जायज मांगों को सुनने के लिए प्रशासन नहीं
हमारी जायज मांगों को सुनने के लिए प्रशासन के अधिकारी तैयार नहीं है। अब कहा जाएगा कि हम लोग बेवजह दखल दे रहे हैं तो यह भी ठीक नहीं है। ऐसे किसान आपस में बातचीत करके तय करेंगे कि आगे क्या किया जाए। पंचायत करके हाईकोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है। -बृजेश गुप्ता, किसान

किसानों से बात हो गई है। वे तैयार है। दो गांव का मामला फंसा है। उनसे भी बात हो रही है। हल निकल जाएगा। 100 करोड़ रुपये आ गए हैं। मुुआवजा जल्द ही दे दिया जाएगा। किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा। - कृष्णा करुणेश, डीएम

 
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