उसके पासपोर्ट की जांच में पता चला कि उसने म्यांमार के रास्ते 27 अगस्त 2020 को भारत में आने की कोशिश की, लेकिन कोरोना प्रतिबंध के कारण उसे वापस जाना पड़ा। फिर वह म्यांमार से हवाई मार्ग से नेपाल पहुंचा। नेपाल में दो साल से अवैध रूप से रह रहा था।
वह नेपाल से भागकर भारत में आना चाहता था। वह डिपार्चर के लिए नेपाल आव्रजन कार्यालय पहुंचा जहां जुर्माना के साथ सात हजार डॉलर की मांग की गई। इतनी रकम नहीं होने के कारण उसने अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किया और दिल्ली जाने की कोशिश में था। उन्होंने बताया की विदेशी नागरिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया।