- असुरन चौराहे पर बस के प्रवेश से हुई हल्की बाधा, मुख्य फ्लीट में नहीं आई कोई बाधा
- एसएसपी ने घटना को सुरक्षा चूक मानने से किया इन्कार, चौकी प्रभारी लाइनहाजिर, शाहपुर इंस्पेक्टर हटाए गए
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। चार दिसंबर की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला स्पोर्ट्स कॉलेज से एयरपोर्ट की ओर जाते समय असुरन चौराहे के पास बस के निर्धारित रूट में घुस आने से वार्निंग फ्लीट क्षणभर के लिए धीमी हो गई। हालांकि मुख्य काफिला बिना रुके आगे बढ़ गया और यात्रा में किसी प्रकार की बाधा नहीं आई। घटना की समीक्षा के बाद एसएसपी ने इसे सुरक्षा चूक की श्रेणी में नहीं माना, लेकिन ड्यूटी लापरवाही और शिथिलता बरतने पर असुरन चौकी प्रभारी रविंद्र चौबे को लाइनहाजिर कर दिया गया। वहीं इंस्पेक्टर संजय सिंह यादव शाहपुर थाने से हटाकर जांच शाखा भेज दिए गए हैं। हालांकि अफसरों का कहना है कि वहां एसओ चंद्रभान सिंह की पोस्टिंग हो गई है। इस वजह से इंस्पेक्टर को हटाया गया है।
दरअसल, घटना के समय असुरन चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन थानेदार, एक सीओ और दो ट्रैफिक इंस्पेक्टर तैनात थे। पूर्व निर्धारित प्रोटोकाल के तहत चौराहों को पूर्व से ही क्लियर रखा गया था, लेकिन इसी बीच अचानक एक बस चौराहे पर आ गई। बस के आते ही वार्निंग फ्लीट की रफ्तार कुछ पल के लिए कम हुई, हालांकि मुख्य फ्लीट बिल्कुल प्रभावित नहीं हुई और काफिला सुरक्षित रूप से आगे बढ़ गया।
मामले की जानकारी मिलने पर एसएसपी राजकरन नय्यर ने सुरक्षा टीम से तत्काल रिपोर्ट तलब की। समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि मुख्य काफिला न रुका और न ही किसी प्रकार से बाधित हुआ, इसलिए यह घटना सुरक्षा चूक की परिभाषा में नहीं आती। इसके बावजूद एसएसपी ने स्पष्ट किया कि प्रोटोकाल के अनुसार वार्निंग फ्लीट के दौरान भी रूट का पूरी तरह सुरक्षित होना अनिवार्य है।
चौराहे पर ड्यूटी में हुई ढिलाई को गंभीर मानते हुए असुरन चौकी प्रभारी को लाइनहाजिर कर दिया गया। इसके साथ ही सीएम रूट पर तैनात सभी पुलिस कर्मियों की ड्यूटी, तैनाती, मौके पर उनकी मौजूदगी व सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन की जांच शुरू करा दी गई है। इस पूरे प्रकरण की जांच एसपी सीटी अभिनव त्यागी को सौंपी गई है। उनके जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के संदर्भ में संबंधित सीओ बांसगांव अनुज सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं एसएसपी ने स्पष्ट किया कि एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय के खिलाफ किसी भी प्रकार की जांच नहीं की जा रही है। बताया कि शाहपुर थानेदार नीरज राय को दोहरे हत्याकांड में लापरवाही के कारण हटाया गया था, जिसका इस घटना से कोई संबंध नहीं है।
एसएसपी राजकरन नय्यर ने बताया कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान छोटी से छोटी लापरवाही भी स्वीकार नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि सुरक्षा प्रोटोकाल में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।