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Gorakhpur IT Park: तीन साल पहले मिली जमीन, अब तक नहीं बना आईटी पार्क, अधूरे हैं स्टार्टअप के सपने

Sat, 03 Jun 2023 05:21 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2019 में गीडा में आईटी-पार्क की स्थापना के निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री की पहल का असर रहा कि उसी साल केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी भी दे दी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी भारत सरकार के उपक्रम सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) को दी गई।
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गीडा सेक्टर सात में अधूरा पड़ा आईटी पार्क। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के गीडा सेक्टर सात में बनने वाला आईटी-पार्क फिलहाल सपना बनकर रह गया है। तीन साल पहले 3.5 एकड़ जमीन में इसका निर्माण शुरू हुआ था। लेकिन अब तक 50 फीसदी निर्माण कार्य ही हो सका है। यह काम कब पूरा होगा, इसकी सही जानकारी भी जिम्मेदार नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में युवाओं का स्टार्टअप के सपना फिलहाल परवान चढ़ता नहीं दिख रहा।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2019 में गीडा में आईटी-पार्क की स्थापना के निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री की पहल का असर रहा कि उसी साल केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी भी दे दी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी भारत सरकार के उपक्रम सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) को दी गई। गीडा प्रशासन ने 2020 में ही सेक्टर सात के पास एसटीपीआई को 3.5 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी। इस बीच केंद्र सरकार ने निर्माण के कार्य के लिए पांच करोड़ रुपये भी आवंटित कर दिए।

एसटीपीआई ने आईटी-पार्क के भवन निर्माण की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट इंडिया लिमिटेड (ईपीआईएल) को दी। शुरुआती दौर में संस्था ने तेजी से काम किया तो उम्मीद जगी कि जून 2022 में हर हाल में काम पूरा हो जाएगा, लेकिन कुछ ही माह बाद संस्था ने निर्माण से हाथ खड़े कर दिए।
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एसटीपीआई ने वजह पूछी, तो संस्था ने कोरोना महामारी का हवाला दे दिया। कोरोना का दौर जब खत्म हुआ तो संस्था ने आधी-अधूरी बिल्डिंग छोड़कर अपना काम समेट लिया। इसके बाद 2022 से अधूरी बिल्डिंग पर एक ईंट नहीं लग सकी है। अधूरी बिल्डिंग अब खंडहर में तब्दील होती जा रही है। गीडा प्रशासन का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो बिल्डिंग और खराब हो जाएगी।

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दूसरी फर्म कराएगी निर्माण

एसटीपीआई ने निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दूसरी फर्म को देने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि एक से दो माह में फिर से आईटी पार्क का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

इस उद्देश्य के तहत होना है निर्माण
गीडा सेक्टर सात में बनने वाले आईटी-पार्क के बनाने का उद्देश्य युवाओं को स्टार्टअप से जोड़ना है। इसके तहत पार्क में डेटा सेंटर क्लेक्शन, साॅफ्टवेयर डेवलपमेंट, रिमोट इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट जैसे स्टार्टअप खुलने है। इन स्टार्टअप के लिए आईटी-पार्क में युवाओं को जगह देनी है।

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युवा बोले
स्टार्टअप के लिए जगह ढूंढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी
आईटी-पार्क का निर्माण अगर हो जाता तो स्टार्टअप के लिए जगह ढूंढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती। एक ही छत के नीचे कई नामी कंपनियों के विचार मिल जाते। इससे रोजगार मिलता और युवाओं को कही और जाने की जरूरत नहीं पड़ती। : राजन अग्रहरि, बीटेक छात्र

ख्वाब पूरा होता नहीं दिख रहा
देश के दूसरे राज्यों में खुले आईटी पार्क में कई तरह के स्टार्टअप चल रहे हैं। पूर्वांचल में गीडा का आईटी पार्क खुल जाता तो स्टार्टअप के लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन, ख्वाब पूरा होता नहीं दिख रहा। : शुभम मिश्रा, बीटेक, छात्र

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आईटी पार्क के निर्माण का 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कोरोना महामारी के कारण काम करा रही संस्था ने अपने कदम पीछे खींच लिए। इसकी वजह से अब दूसरी संस्था को इसकी जिम्मेदारी देने के लिए टेंडर निकाला गया है। जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। : प्रवीण द्विवेदी, सहायक निदेशक, एसटीपीआई।







 
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