एसटीपीआई ने निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दूसरी फर्म को देने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि एक से दो माह में फिर से आईटी पार्क का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
इस उद्देश्य के तहत होना है निर्माण
गीडा सेक्टर सात में बनने वाले आईटी-पार्क के बनाने का उद्देश्य युवाओं को स्टार्टअप से जोड़ना है। इसके तहत पार्क में डेटा सेंटर क्लेक्शन, साॅफ्टवेयर डेवलपमेंट, रिमोट इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट जैसे स्टार्टअप खुलने है। इन स्टार्टअप के लिए आईटी-पार्क में युवाओं को जगह देनी है।
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युवा बोले
स्टार्टअप के लिए जगह ढूंढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी
आईटी-पार्क का निर्माण अगर हो जाता तो स्टार्टअप के लिए जगह ढूंढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती। एक ही छत के नीचे कई नामी कंपनियों के विचार मिल जाते। इससे रोजगार मिलता और युवाओं को कही और जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
: राजन अग्रहरि, बीटेक छात्र
ख्वाब पूरा होता नहीं दिख रहा
देश के दूसरे राज्यों में खुले आईटी पार्क में कई तरह के स्टार्टअप चल रहे हैं। पूर्वांचल में गीडा का आईटी पार्क खुल जाता तो स्टार्टअप के लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन, ख्वाब पूरा होता नहीं दिख रहा।
: शुभम मिश्रा, बीटेक, छात्र
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आईटी पार्क के निर्माण का 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कोरोना महामारी के कारण काम करा रही संस्था ने अपने कदम पीछे खींच लिए। इसकी वजह से अब दूसरी संस्था को इसकी जिम्मेदारी देने के लिए टेंडर निकाला गया है। जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
: प्रवीण द्विवेदी, सहायक निदेशक, एसटीपीआई।