गोरखपुर। लेखपालों के अतिरिक्त हल्के का कार्य बहिष्कार करने से जिले में प्रमाणपत्र जारी होने की प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। लेखपाल संघ का दावा है कि करीब 600 गांवों के पांच हजार से अधिक आय, जाति, निवास सहित अन्य प्रमाणपत्र संबंधित पोर्टल पर लंबित हैं। इन प्रमाणपत्रों पर लेखपाल की रिपोर्ट लगने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी होनी है। ऐसे में समय से प्रमाणपत्र जारी कराने के लिए प्रशासन अब वैकल्पिक व्यवस्था तलाश रहा है।
जिले में लेखपालों के 201 पद खाली हैं। इन पदों का अतिरिक्त प्रभार दूसरे लेखपालों को सौंपा गया था। अतिरिक्त काम के मुकाबले भत्ता कम होने और काम के बढ़ते दबाव का हवाला देते हुए लेखपालों ने अतिरिक्त हल्के का बस्ता जमा कर दिया। इससे करीब 600 गांवों में राजस्व संबंधी काम प्रभावित हुआ है।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद के अनुसार, कार्य बहिष्कार के तीन दिनों में पांच हजार से अधिक प्रमाणपत्र पोर्टल पर लंबित हो चुके हैं। आय, जाति और निवास सहित अन्य प्रमाणपत्रों में सात से 15 दिनों के भीतर लेखपाल की रिपोर्ट लगनी होती है। तय समय में रिपोर्ट नहीं लगने पर प्रमाणपत्र जारी होने में देरी हो सकती है।
तय समय में प्रमाणपत्र जारी कराने की होगी व्यवस्था
मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा ने बताया कि लेखपाल संगठनों से वार्ता चल रही है। जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रमाणपत्रों पर रिपोर्ट लगाने के तय समय के भीतर प्रमाणपत्र जारी कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।