सिंचाई विभाग बाढ़ खंड-2 के अंतर्गत आने वाला तटबंध कोठा-सेमरा करीब 35 किलोमीटर लंबा है। इस तटबंध के किनारे असवनपार , सहुआकोल, पूरे, रकहट, रियांव, गहिराघाट, छपरा सहित बहुत से गांव बसे हैं।
नदी के किनारे बने तटबंधों के पास बहुत से लोगों ने अतिक्रमण कर घर बना लिया है। इसकी वजह से बाढ़ के समय तटबंधों की सुरक्षा खतरे में रहती है। इसकी शिकायत ग्रामीणों के अलावा क्षेत्रीय लोगों ने डीएम से लेकर विभागीय अधिकारियों से की है।
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सिंचाई विभाग अब ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर रहा है। नोटिस में कहा गया है कि साक्ष्य प्रस्तुत करें कि जहां उनका घर बना है, जमीन उनकी है। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
शासन का स्पष्ट निर्देश है कि नदियों के किनारे बने तटबंध के मध्य से दोनो तरफ 10-10 मीटर जमीन सिंचाई विभाग की है। उसके भीतर किया गया निर्माण अवैध है। उधर, कई स्थानों पर लोगों के घर बहुत पहले से हैं। उनका कहना है कि जबसे गांव बसा है तबसे उनका घर है। लेकिन, सिंचाई विभाग की तरफ से उनको भी नोटिस दी गई है।
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सिंचाई विभाग बाढ़ खंड-2 के अंतर्गत आने वाला तटबंध कोठा-सेमरा करीब 35 किलोमीटर लंबा है। इस तटबंध के किनारे असवनपार , सहुआकोल, पूरे, रकहट, रियांव, गहिराघाट, छपरा सहित बहुत से गांव बसे हैं। बुधवार को सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने असवनपार गांव में ग्रामीणों को नोटिस दिया। कर्मचारियों ने बताया कि कोठा- सेमरा बांध पर जहां भी अतिक्रमण है सभी को नोटिस दी जा रही है।
बंधों पर बहुत से जगहों पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि जहां कहीं भी अतिक्रमण है, उसे हटाया जाए। इसलिए विभाग की तरफ से नोटिस दी जा रही है। जमीन किसकी है, यह राजस्व विभाग तय करेगा। बंधों से अतिक्रमण हटाने के लिए शासन के निर्देश पर अभियान चलाया जाएगा। : रूपेश कुमार खरे, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड 2