डिवाइडर व सड़क किनारे लगेंगी लोहे की प्लेटें...दोबारा तोड़े तो दर्ज होगा केस
-गोरखपुर से लखनऊ और वाराणसी हाइवे पर बने हैं अवैध कट, एनएचएआई ने सख्ती बरतने का लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर-लखनऊ और गोरखपुर-वाराणसी हाइवे पर अवैध कट जल्द बंद किए जाएंगे। इसके लिए डिवाइडर और सड़क किनारे लोहे की प्लेटें लगाई जाएंगी। नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने एमबीसीबी लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यही नहीं जिस जगह अवैध कट बंद होगा अगर दोबारा कट खोला गया तो एनएचएआई सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस भी दर्ज कराएगा।
गोरखपुर-वाराणसी हाइवे पर 17 और गोरखपुर लखनऊ हाइवे पर 11 अवैध कट पाए गए हैं। इसके साथ बोक्टा सहित कई ऐसे स्थान हैं, जहां बिना कट के ही ईट और मिट्टी के सहारे लोग फोरलेन पार कर रहे हैं। गोरखपुर लखनऊ हाइवे पर बोक्टा चौराहे सहित कई स्थानों पर बिना कट के दो पहिया वाहन एक लेन से दूसरी लेन पर जा रहे हैं। वहीं सहजनवा के मुरारी इंटर कॉलेज के पास सबसे खतरनाक स्थिति है। वहां ऊंची लेन से नीचे की लेन के बीच के स्थान पर ढलान है। वहां दो पहिया और ऑटो वाले ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर की ओर जा रहे हैं। ढलान पर पहिया फिसलने पर बड़े हादसे की आशंका है। ऐसे स्थानों पर एमबीसीबी लगाए जाने के बाद लापरवाह लोग भी वहां से नहीं निकल सकेंगे।
इसी प्रकार गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर हाइवे के किनारे रेलिंग लगी हुई है। लोगों ने अपनी सुविधा के लिए जगह जगह रेलिंग तोड़ दी है। इस कारण हादसे की आशंका बनी हुई है। एमबीसीबी की प्लेट लगाए जाने के बाद वहां से दो पहिया वाहन निकलना मुश्किल होगा, जबकि लांघ कर जाने में कठिनाई होगी।
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अवैध कट हर हाल में बंद होने चाहिए। एक माह पहले मैं लखनऊ से गोरखपुर आ रहा था। एक बाइक सवार अचानक कार के सामने आ गया। हादसा होने से बाल बाल बचा।
प्रवीण सिंह, पूर्व प्रधान डांगीपार
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हाइवे से यात्रा करने में डर बना रहता है कि कहीं से कोई आ गया तो हादसा हो जाएगा। मैं लखनऊ जाता हूं तो अवैध कट के कारण रफ्तार धीमी रखता हूं। हर हाल में कट बंद होने चाहिए।
हरिकिशोर यादव, बशारतपुर
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कोट-
गोरखपुर-लखनऊ और गोरखपुर वाराणसी हाइवे अवैध कट बंद किए जा रहे हैं। यदि एक अवैध कट को फिर खोला गया तो सरकारी कार्य में बांधा डालने के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अवैध कट बंद करने के लिए एमबीसीबी लगाने प्रस्ताव भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलने पर सभी कट को लोहे की प्लेट से बंद कर दिया जाएगा।
ललित प्रताप पाल, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई
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