गोरखपुर व बस्ती मंडल के जिलों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए आरएमआरसी सीरो टेस्टिंग करेगा। इसके लिए आईसीएमआर (इंडियन मेडिकल रिसर्च सेंटर) ने आरएमआरसी को मंजूरी दी है। प्रत्येक जिले से कम से दो हजार नमूनों की सीरो टेस्टिंग का फैसला लिया गया है।
यह जांच भारती कंपनी की ओर से बनाए गए एलाइजा टेस्ट कार्ड के जरिए होगी। एक कार्ड से एक बार में 18 लोगों के नमूनों की जांच की जाएगी। आरएमआरसी के निदेशक डॉ. रजनीकांत ने बताया कि सीरो टेस्टिंग हर गोरखपुर और बस्ती मंडल गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर के जिले में होगी।
बताया किआईसीएमआर की मदद से भारती कंपनी ने स्पेशल एलाइजा किट तैयार किया है। इस एलाइजा किट की जांच डेंगू की पहचान करने वाली मशीन से होगी, जो हर जिले में मौजूद है। बताया कि कोरोना वायरस के अब तक जितने भी मामले मिले हैं, उनमें 90 प्रतिशत अलक्षणिक मरीज रहे हैं।
उनकी ट्रैवेल हिस्ट्री, दूसरे के संपर्क में आने वालों की वजह से जांच की गई है। ऐसे में कम्युनिटी में कई ऐसे लोग भी हो सकते हैं, जो इस बीमारी से खुद ब खुद ठीक हो गए हो। ऐसे में सीरो टेस्टिंग से इस बात की जानकारी मिल जाएगी कि ऐसे लोगों के शरीर में एंटी बॉडी का निर्माण हुआ है या नहीं। आखिर वह कैसे ठीक हो गए। सीरो टेस्टिंग से एंटीबॉडी की पहचान आसानी से हो जाएगी। इससे काफी हद तक जानकारियां मिल सकेंगी।