- रेलवे अस्पताल में भर्ती हैं दोनों झुलसे रेलकर्मी, फायर हाइडेंट लगवाने व रेलकर्मियों को ट्रेनिंग देने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के यांत्रिक कारखाने में वेल्डिंग के दौरान लगी आग से झुलसे दो रेलकर्मियों का रेलवे अस्पताल के बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है। उधर, रेल प्रशासन ने घटना की जांच शुरू करा दी है। जांच टीम ने शनिवार को कारखाना में कुछ कर्मचारियों से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। वहीं, मुख्य कारखाना प्रशासन ने निरीक्षण कर फायर हाइडेंट लगवाने, रेलकर्मियों को स्पेशल ट्रेनिंग देने और वेल्डिंग के दौरान कोच की पेटिंग-डेंटिग का कार्य न करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को यांत्रिक कारखाना में कोच के वेल्डिंग के दौरान आग लग गई और दो रेलकर्मी योगेंद्र पाल और हिमांशु शर्मा आग की चपेट में आ कर गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद कारखाने में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने शनिवार को अस्पताल में जाकर घायलों के इलाज की जानकारी ली। कहा कि यह हादसा पूरी तरह से लापरवाही का नतीजा है। अप्रशिक्षित प्राइवेट कर्मचारियों से काम कराना और सुरक्षा नियमों की अनदेखी बेहद गंभीर मामला है। प्रशासन को इस घटना की उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषी ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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सुरक्षा संबंधित ये निर्देश दिए गए
मुख्य कारखाना प्रबंधक ने सुरक्षा संबंधित कार्यों की समीक्षा के बाद निर्देश दिया है कि सिविल डिफेंस से आग बुझाने से संबंधित ट्रेनिंग अगले सप्ताह तक सभी रेलकर्मियों को दिलाया जाए। यानों से निकाले गए स्क्रैप को बैग में भरकर निस्तारित कराया जाए। स्क्रैप को फर्श पर न गिराया जाए। यानों में वेल्डिंग कार्य के दौरान कोई भी अन्य कार्य जैसे पीवीसी फिक्सिंग, कोच के बाहर कोटिंग, पेंटिंग कार्य न किया जाए। शॉप इंचार्ज यह सुनिश्चित कराएं और कार्य के पहले परमिट दें। इसके अलावा लिफ्टिंग शाप एवं लोड बाक्स टेस्टिंग एरिया के मध्य कोई भी फायर हाइड्रेंट नहीं है, सेफ्टी की प्राथमिकता के आधार पर 1000 लीटर की पानी की तीन टंकी एवं पंप तत्काल प्रभाव से लगाया जाए।