गोरखपुर। विद्युत उपकेंद्र सेवई बाजार के बाघागाड़ा-जीतपुर स्थित नरवा टोला में प्लॉटिंग स्थल तक बनाई गई 13 खंभे की अवैध बिजली लाइन की जांच करीब चार माह बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। जांच की धीमी गति को लेकर बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अवैध लाइन के निर्माण से बिजली निगम को चार लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है।
जीतपुर के नरवा टोला में अप्रैल में गांव से प्लॉटिंग स्थल तक 13 खंभे लगाकर लाइन बनाई गई थी। मामला सामने आने के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार के निर्देश पर विद्युत वितरण मंडल ग्रामीण द्वितीय के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने 21 अप्रैल को दो सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति का अध्यक्ष ग्रामीण द्वितीय के परीक्षण खंड के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार को बनाया गया था।
जांच चल ही रही थी कि जुलाई में बृजेश कुमार का स्थानांतरण हो गया। इसके बाद उनके स्थान पर आए नए अधिशासी अभियंता को जांच की जिम्मेदारी दी गई। इसके बावजूद अभी तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
जांच अधिकारी और परीक्षण खंड ग्रामीण द्वितीय के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि जांच अंतिम चरण में है। इसे जल्द पूरा कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।