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Gorakhpur News: एम्स की पूर्व ईडी डॉ. सुरेखा किशोर के खिलाफ ऋषिकेश में जांच शुरू

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- गोरखपुर एम्स से उनके दोनों बेटों की उपस्थिति रजिस्टर गायब, जांच में मांगा गया था रजिस्टर
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- वर्ष 2021 में हुई थी एम्स की पूर्व ईडी के बेटों की नियुक्ति

संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर की पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर के खिलाफ एम्स ऋषिकेश में जांच शुरू हो गई है। डॉ. सुरेखा पर आरोप है कि उन्होंने अपने दोनों बेटों को एम्स गोरखपुर में नियमों को दरकिनार कर नौकरी दी थी, इसी मामले में उन्हें यहां से हटाया गया था। एम्स ऋषिकेश के प्रबंधन ने गोरखपुर एम्स से डॉ. सुरेखा के दोनों बेटों के उपस्थिति रजिस्टर की मूल कॉपी मांगी थी। लेकिन यहां पता चला है कि रजिस्टर ही गायब है।
दरअसल, एम्स गोरखपुर की पूर्व निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर के खिलाफ विजिलेंस की जांच पूरी हो चुकी है। मामले में आरोप पत्र दाखिल होने से पहले ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन्हें हटा दिया। डॉ. सुरेखा किशोर की मूल तैनाती एम्स ऋषिकेष में थी इसलिए अप्रैल 2024 में एम्स गोरखपुर ने केस एम्स ऋषिकेश को ट्रांसफर कर दिया था। अब मामले की जांच के दौरान एम्स गोरखपुर की पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने जांच कर रही टीम से अपने बेटों की उपस्थिति का मूल रजिस्टर मंगाने को कहा। उनका तर्क है कि जो भी शिकायत हुई है वह फोटो कॉपी के आधार पर हुई है। इसे सही नहीं माना जा सकता।
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इसके बाद एम्स ऋषिकेश से एक कर्मचारी को रजिस्टर लेने के लिए गोरखपुर भेजा गया। यहां रजिस्टर न मिलने पर एम्स प्रशासन ने कर्मचारी को वापस भेज दिया। एम्स की पूर्व कार्यकारी निदेशक के दोनों बेटों की नियुक्त वर्ष 2021 में हुई थी। एम्स के मीडिया सेल की चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि एम्स ऋषिकेश से एक कर्मचारी आया था। पूर्व कार्यकारी निदेशक के बेटों की उपस्थिति का मूल रजिस्टर मांगा गया था। रजिस्टर नहीं मिल रहा है। इसकी जानकारी दे दी गई है।
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