कालेसर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने के प्रस्ताव का अनुमोदन गीडा बोर्ड की बैठक में हो चुका है। टर्मिनल पूरी तरह से आधुनिक होगा और यहां हर तरह की सुविधाएं मिलेंगी। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बनाए जाने वाले इस बस टर्मिनल में फूड प्लाजा, होटल, बस स्टाफ के ठहरने के लिए कमरों की व्यवस्था होगी। गीडा की योजना है कि इस टर्मिनल को नोएडा की तरह विकसित किया जाए।
यात्रियों को बेहतर सुविधा हो सकेगी उपलब्ध
बस टर्मिनल के लिए जिस स्थान को चुना गया है वहां से लखनऊ, वाराणसी, नेपाल, बिहार आदि जाने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है। अब भी जिले से देश के कई बड़े शहरों के लिए लग्जरी बसों की सेवा शुरू हो चुकी है। टर्मिनल बन जाने के बाद निजी बसें भी यहां से संचालित हो सकेंगी और लोगों को यातायात का बेहतर माध्यम मिल सकेगा। इससे आसपास के क्षेत्र का भी विकास होगा।
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि कालेसर में 200 एकड़ में आवासीय और व्यावसायिक प्लाट बनाए जाने हैं। इसी प्लाट में 11 एकड़ जमीन में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल विकसित किया जाना है। इसके लिए 120 एकड़ जमीन की तलाश की गई है, जिसे जल्द ही गीडा खरीदेगा। एक कंसलटेंट कंपनी को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह सर्वे कर रिपोर्ट दे। रिपोर्ट मिलते ही उसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। शहर के विस्तार को ध्यान में रखते हुए यह टर्मिनल बनाए जाने की योजना है।