गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने आईं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने बुधवार शाम विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में 35 महिला शिक्षिकाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है।
संवाद के दौरान कुलाधिपति ने शिक्षिकाओं के सुझाव और अनुभव सुने व शिक्षा, शोध और नवाचार को समाज की जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से सॉयल टेस्टिंग और जीरो वेस्ट कैंपस सेंटर जैसी पहलों को संस्थागत स्वरूप देने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी।
कुलाधिपति ने वंचित और जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तीकरण के लिए प्रभावी योजनाएं लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षिकाओं से समाज के कमजोर वर्गों तक शिक्षा और जागरूकता पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने सतत विकास के लिए वाणिज्य शिक्षा की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के समन्वय से ही समावेशी और टिकाऊ विकास संभव है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कुलाधिपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सुझावों को शैक्षणिक, शोध और सामाजिक गतिविधियों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में शिक्षिकाओं ने कुलाधिपति का धन्यवाद ज्ञापित किया।