- सोमवार को 50 लाख रुपये हड़पने वाले दरोगा और प्रिंस से बयान लेने जेल जाएगी पुलिस
- छह लाख और तीन फरार अभियुक्तों के नजदीक पहुंची पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। चेकिंग के दौरान 50 लाख रुपये हड़पने के मामले में जेल भेजे गए दरोगा आलोक सिंह और उसका साथी प्रिंस श्रीवास्तव अब जमानत कराने की तैयारी में जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार रिहाई के लिए दोनों के पेपर भी तैयार हो गए हैं। बहुत जल्द दोनों ही आरोपियों के परिजन कोर्ट में रिहाई के लिए पेपर दााखिल कर सकते हैं। दरोगा और प्रिंस का मानना है कि यह केस बहुत हल्का है, आगे चलकर आसानी से खत्म हो जाएगा। उन्हें अपने किए गए गलत कृत्य का जरा भी पछतावा नहीं है।
दूसरी तरफ थाने की पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच टीम फरार तीन आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस की मानें तो फरार आराेपियों को वह बहुत जल्द गिरफ्तार कर लेगी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों के पास ही बाकी के छह लाख रुपए भी हैं। सोमवार को पुलिस आरोपी दरोगा आलोक सिंह और प्रिंस श्रीवास्तव से बयान लेने जेल भी जाएगी।
एक बैरक में है दरोगा और प्रिंस
जेल की 16 नंबर बैरक में दरोगा और प्रिंस एक साथ रह रहे हैं। सूत्रों की मानें तो प्रिंस से मिलने हर दिन कोई ना कोई जेल पहुंंच रहा है। प्रिंस अपने साथ ही दरोगा आलोक सिंह की जमानत कराने का प्रयास कर रहा है।
कहां से आए रुपए, चल रही जांच
वादी नवीन कुमार श्रीवास्तव के पास 50 लाख रुपए कहां से आए इसकी जांच भी पुलिस कर रही है। नवीन कुमार श्रीवास्तव का बयान दर्ज करने के बाद उनके भाई और भांजे का बयान दर्ज करने में पुलिस लगी है। सीसी टीवी फुटेज की जांच में भांजे के बारे में पुलिस को जानकारी हुई थी। हालांकि, भांजा अभी शहर से बाहर बताया जा रहा है। उसके आने पर उससे भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
तीन अप्रैल को पकड़ा गया था चौकी इंचार्ज
तीन अप्रैल को चेकिंग के दौरान बेनीगंज चौकी इंचार्ज आलोक सिंह ने व्यापारी नवीन कुमार श्रीवास्तव के 50 लाख रुपये हड़प लिए थे। व्यापारी की शिकायत पर कोतवाली थाने में दरोगा आलोक सिंह और उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके पास से 44 लाख रुपये बरामद कर लिया था। नवीन श्रीवास्तव की तहरीर पर कोतवाली थाने में चौकी इंचार्ज आलोक सिंह और उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव तथा 3 अज्ञात के खिलाफ भ्रष्टाचार सहित अन्य धाराओं में केस कर दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया।