इसी बीच खपरैल का मकान आयुष और उसकी मां के ऊपर गिर गया। मां द्वारा शोर मचाने पर जुटे आसपास के लोगो ने दोनों को खपरैल से बाहर निकाला और निजी साधन से जिला अस्पताल भेजा, जहां आयुष को मृत घोषित कर दिया गया।
बच्चे की मौत की खबर पाकर मां अस्पताल में ही दहाड़ मारकर रोने लगी। बेटे की मौत की सूचना पर दिल्ली कमाने गए आयुष के पिता सरवन भी गोरखपुर आने के लिए गाड़ी पकड़ लिए है।