गोरखपुर चिड़ियाघर में बब्बर शेर पटौदी। (फाइल)
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चिड़ियाघर में घायल पटौदी (बब्बर शेर) धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है। लगभग एक सप्ताह बाद वह खड़ा तो हो जा रहा है, लेकिन अभी चल नहीं पा रहा है। बाड़े के क्राल में ही उसका इलाज चल रहा है।
31 अक्तूबर को पटौदी बाड़े के भीतर घायल हो गया था। बाड़े में घूमते वक्त उसके बाएं पैर में लगभग दो इंच गहरा घाव हो गया था। इसकी जानकारी प्रबंधन को दो दिन बाद हुई थी। पहले चर्चा थी कि उसके पैर में शीशे का टुकड़ा धंस गया होगा, लेकिन प्रबंधन ने दावा किया कि कभी-कभार पटौदी क्रॉल की जाली पर पंजा मार देता था। ऐसे में उसे लोहे की जाली से चोट लग गई थी।
चिड़ियाघर के चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि पटौदी का घाव भरना तो शुरू हो गया है, लेकिन अभी समय लगेगा। वह खड़े होने का प्रयास कर रहा है। लेकिन, थोड़ी देर बाद वापस बैठ जा रहा है। उम्र (18 वर्ष से अधिक) अधिक होने से भी उसके घाव को भरने में समय लगेगा।